Cheque Bounce New Rules 2025: चेक बाउंस को लेकर RBI में जारी किया नए नियम ₹10,000 लगेगा जुर्माना

Cheque Bounce New Rules 2025: आज के समय में चेक का इस्तेमाल आम बात है। घर का किराया हो, बिजनेस का भुगतान हो या किसी दोस्त को पैसा देना हो, चेक पर भरोसा किया जाता है। लेकिन जरा सी लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। सरकार ने चेक बाउंस को लेकर नियम और ज्यादा सख्त कर दिए हैं। अगर आपका चेक बाउंस हो गया तो सिर्फ शर्मिंदगी ही नहीं बल्कि जेल और भारी जुर्माना भी झेलना पड़ सकता है। इसलिए इन नए नियमों को समझना हर आम आदमी के लिए बेहद जरूरी हो गया है।

नए नियम क्या कहते हैं

1 अप्रैल 2025 से चेक बाउंस से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब अगर किसी व्यक्ति का चेक बाउंस होता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। नए नियमों के तहत दोषी पाए जाने पर 2 साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही चेक की राशि का दोगुना जुर्माना भी लगाया जा सकता है। पहले जहां मामलों में लंबा समय लग जाता था, अब प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया गया है ताकि पीड़ित व्यक्ति को जल्द न्याय मिल सके।

Cheque Bounce पर जेल और जुर्माने का प्रावधान

नए नियमों के अनुसार अगर किसी ने जानबूझकर ऐसा चेक दिया है जिसमें खाते में पैसे नहीं हैं और वह बाउंस हो जाता है, तो यह गंभीर अपराध माना जाएगा। अदालत दोषी को 2 साल तक की सजा सुना सकती है। इसके अलावा चेक की रकम का दोगुना जुर्माना देना भी अनिवार्य हो सकता है। इतना ही नहीं कोर्ट फीस और कानूनी खर्च भी आरोपी को ही उठाना पड़ सकता है। यह नियम खास तौर पर उन लोगों के लिए चेतावनी है जो बिना बैलेंस के चेक जारी कर देते हैं।

तीन बार चेक बाउंस हुआ तो खाता हो सकता है फ्रीज

नए नियमों में एक और बड़ा प्रावधान जोड़ा गया है। अगर किसी व्यक्ति का चेक लगातार 3 बार बाउंस होता है तो बैंक उस खाते को अस्थायी रूप से फ्रीज कर सकता है। इसका मतलब यह है कि उस खाते से लेनदेन पर रोक लग सकती है। इससे न सिर्फ व्यक्ति की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है बल्कि उसकी साख पर भी गहरा असर पड़ता है। बैंक इस कदम को इसलिए उठा सकता है ताकि बार बार होने वाले फ्रॉड और लापरवाही को रोका जा सके।

ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं चेक बाउंस की शिकायत

नए नियमों के तहत अब चेक बाउंस की शिकायत दर्ज कराना भी आसान कर दिया गया है। पीड़ित व्यक्ति अब ऑनलाइन माध्यम से भी शिकायत कर सकता है। इससे कोर्ट जाने की झंझट कम होगी और समय की भी बचत होगी। डिजिटल प्रक्रिया से मामलों की सुनवाई तेजी से हो सकेगी। सरकार का मकसद है कि चेक के जरिए होने वाले धोखाधड़ी के मामलों पर सख्ती से रोक लगे और लोगों का भरोसा बैंकिंग सिस्टम पर बना रहे।

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